????हाइपॉक्सिआ से उत्पन्न वजह बन जाता है असमय मौत का कारण
????कंसल्टेंट नेत्र विशेषज्ञ डॉक्टर अभिषेक कुमार ने दी उपयोगी जानकारी
समाचार विचार/बेगूसराय: छपरा की एक हृदय विदारक घटना ने हृदय को झकझोर कर रख दिया है। एक कमरे में अलाव जगाकर सो जाने की वजह से एक बुजुर्ग महिला सहित तीन बच्चे की मौत हो गई। इस संबंध में एसएन मेमोरियल विजन केयर सेंटर बलिया के कंसल्टेंट नेत्र विशेषज्ञ डॉक्टर अभिषेक कुमार ने बताया कि बंद कमरे में जलाकर सोना अत्यधिक खतरनाक है। इससे अक्सर मौत या गंभीर रूप से बीमार पड़ने की संभावना बनी रहती है। उन्होंने बताया कि क्या आपको पता है कि यह इतना खतरनाक क्योँ है? इस प्रक्रिया में पीड़ित मतिभ्रम (हेलुसिनेशन) का शिकार क्योँ हो जाते हैं? दरअसल बोरसी, अंगीठी, अलाव से उत्पन्न ताप और धुओं के प्रभाव से कमरे के भीतर कार्बन मोनोऑक्साइड गैस बनने लगती है। कार्बन मोनोऑक्साइड गैस ऑक्सीजन की तुलना में लगभग 200 – 250 गुना अधिक दर से रक्त (हीमोग्लोबिन) में घुलती है, जिसके फलस्वरूप पीड़ित व्यक्ति का मस्तिष्क प्रभावित होने लगता है। मस्तिष्क के प्रभावित होने के फलस्वरूप पीड़ित व्यक्ति धीरे – धीरे मतिभ्रम का शिकार होने लगता है। प्रारंभ में पीड़ित को असामान्य सुखद स्थिति का अहसास होता है। व्यक्ति को लगता है उसने ठंड को पराजित कर दिया और वह अब सुखद , सुरक्षित और आरामदायक स्थिति में आ गया है। पीड़ित व्यक्ति जब सोने लगता है तो उसे सुखद सपने आते हैं और वह नींद में ही कल्पनाओं में डूब जाता है।

हाइपॉक्सिआ से उत्पन्न वजह बन जाता है असमय मौत का कारण
डॉक्टर अभिषेक ने बताया कि हम कह सकते हैं कि हेलुसिनेशन के प्रभाव से पीड़ित व्यक्ति का दिमाग़ वैसे कल्पनाओं में उलझ जाता है, जिसका वास्तविकता से कोई सम्बन्ध नहीं है। हेलुसिनेशन पीड़ित को चेतना से दूर कर देता है। पीड़ित व्यक्ति अचेतनशीलता और रक्त में ऑक्सीजन की कमी से गहरी बेहोशी का शिकार हो जाता है और अंततः पीड़ित व्यक्ति की मौत हाइपॉक्सिआ के कारण हो जाती है। तेज रूम हीटर चलाकर सोने के बाद ताप के प्रभाव से रूम में ऑक्सीजन की कमी होने और व्यक्ति के गंभीर रूप से पीड़ित होने की संभावना बनी रहती है। इसलिए ठंड के मौसम में कभी भी रूम के अंदर बोरसी, अंगीठी, अलाव अथवा रूम हीटर को तेज कर नहीं सोना चाहिए यह जीवन के लिए खतरनाक हो सकता है। यदि किसी विशेष परिस्थिति में रूम के अंदर बोरसी, अंगीठी, अलाव या रूम हीटर जलाना पड़े तो इतनी सावधानी अवश्य रखें की रूम में ऑक्सीजन की मात्रा कम न हों। डॉक्टर अभिषेक ने बताया कि इसके लिए सामान्य का उपाय है कि आप रूम को पुरी तरह से पैक करने के बजाय रूम की खिड़की और दरवाजों को खुला छोड़ दें। अन्यथा रूम के अंदर ठंड से बचने के लिए बोरसी, अंगीठी, अलाव अथवा रूम हीटर का सहारा लेने के स्थान पर अधिक से अधिक गर्म कपड़ों, कंबल और रजाई का सहारा लें। आपका जीवन अनमोल है, सदैव सतर्क और सुरक्षित बने रहें।













