रंग लाया नवाचार: मात्र सौ दिनों में डेमो के तहत की गई बेबी कॉर्न की खेती से बढ़ा हौसला

➡️रामदीरी के किसान गोपाल सिंह ने सफलता प्रदर्शित कर किसानों को किया प्रेरित
➡️होटल और रेस्तरां के लज़ीज़ स्वादिष्ट व्यंजनों के लिए खूब है बेबी कॉर्न की डिमांड
समाचार विचार/बेगूसरायबेगूसराय जिले के मटिहानी थाना क्षेत्र के रामदीरी गांव के किसान गोपाल सिंह ने लगभग आधे एकड़ में बेबी कॉर्न की सफल खेती कर खेती में प्रयोगात्मक नवाचार के जरिए सफलता प्रदर्शित कर क्षेत्र के अन्य किसानों को भी इस खेती में भाग्य आजमाने के लिए उनका मार्ग प्रशस्त कर दिया है। गोपाल सिंह के द्वारा बेबी 🌽 कॉर्न की डेमो के तहत की गई खेती ने रंग लाई और उनकी सफलता से क्षेत्र के अन्य किसान भी प्रेरित हो रहे हैं। उनके मार्गदर्शक और अररिया जिला में पदस्थापित कृषि विभाग के अधिकारी बलराम सिंह के द्वारा दिए गए टिप्स पर अमल करने के बाद मिली सफलता से उत्साहित किसान गोपाल सिंह ने बताया कि अगर सरकार इस उत्पाद को प्रोत्साहित करे तो किसान समृद्धि की ओर अग्रसर हो सकते हैं। गोपाल सिंह के इस नवाचार ने यह सिद्ध कर दिया है कि बेबी कॉर्न एक ऐसी फसल है, जो किसानों को अच्छा मुनाफा दिला सकती है।
होटल और रेस्तरां के लज़ीज़ स्वादिष्ट व्यंजनों के लिए खूब है बेबी कॉर्न की डिमांड
स्वीट बेबी कॉर्न का मार्केट डिमांड भी बहुत ज्यादा है। खासकर होटल रेस्तरां में इनसे बनें लज़ीज़ स्वादिष्ट आइटम ग्राहकों को ज्यादा भा रहें हैं। किसान के खेतों से होटल में इसकी दस्तक डेढ़ सौ रुपए किलो से दो सौ रुपए किलो तक की है। छोटे शहरों के होटलों और रेस्टोरेंट आदि में इनकी बढ़ती डिमांड की पूर्ति डब्बा बंद पैकेट के रूप में कहीं न कहीं अन्य राज्यों के ऊपर निर्भर है। वहीं बिहार के बेगूसराय क्षेत्र में इसकी पैदावार होने से किसानों में इस खेती को लेकर दिलचस्पी बढ़ेगी। कृषि विशेषज्ञ बताते हैं कि इसकी फसल 100 दिनों में तैयार हो जाती है। बेगूसराय की दोमट मिट्टी इस फसल की उपज के लिए श्रेयस्कर और उपयुक्त है।

बेबी कॉर्न

बेगूसराय के किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं साबित होगी बेबी कॉर्न की खेती
बेबी कॉर्न की एक हेक्टेयर की खेती के लिए लगभग 25 किलो बीज की आवश्यकता होती है। बुआई से पहले यह ध्यान रखना चाहिए कि खेत में पर्याप्त नमी होनी चाहिए। फसल को अच्छी तरह से उगाने के लिए, गोबर की खाद और रासायनिक खाद का उपयोग करना श्रेयस्कर होता है। इसकी खेती के लिए खरपतवार नियंत्रण अत्यंत आवश्यक है। बेबी कॉर्न बुआई के बाद 60-80 दिनों में तैयार हो जाता है। बेबी कॉर्न को तब तोड़ा जाता है, जब वे छोटे और हरे हों। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि बेबी कॉर्न को 10°C से अधिक तापमान वाले क्षेत्रों में सालभर उगाया जा सकता है। बेबी कॉर्न की खेती से किसानों को अच्छा मुनाफा हो सकता है। एक हेक्टेयर में 40,000 से 50,000 रुपये तक की शुद्ध आय हो सकती है। इतना ही नहीं बेबी कॉर्न की फसल से पशुओं के लिए चारा भी प्राप्त किया जा सकता है।

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