टेकनपुरा घाट पर मिली महिला के शव की पहचान अब तक नहीं हो सकी है। शव मिलने के करीब 36 घंटे बाद भी मृतका के परिजनों तक पहुंचने में पुलिस को सफलता नहीं मिली है।
📍बूढ़ी गंडक में एक ही दिन मिले थे युवक और महिला के शव
📍युवक की पहचान हुई लेकिन महिला के हाथ पर गोदना से लिखे नाम ने भी नहीं खोला राज
समाचार विचार/नावकोठी/बेगूसराय: बेगूसराय जिले के नावकोठी थाना क्षेत्र अंतर्गत डफरपुर पंचायत के टेकनपुरा घाट के समीप बूढ़ी गंडक नदी से बरामद महिला के शव की पहचान अब तक नहीं हो सकी है। शव मिलने के करीब 36 घंटे बाद भी मृतका के परिजनों तक पहुंचने में पुलिस को सफलता नहीं मिली है। सबसे अहम बात यह है कि महिला के दाहिने हाथ पर गोदना के जरिए दो नाम लिखे होने के बावजूद उसकी पहचान की पुष्टि नहीं हो पाई है। अब पुलिस आसपास के थानों से संपर्क करने के साथ सोशल मीडिया का भी सहारा ले रही है। महिला की पहचान को लेकर पुलिस की कोशिशें लगातार जारी हैं। थानाध्यक्ष मोहम्मद फिरदौस ने आसपास के थानों को महिला के हुलिए और अन्य उपलब्ध विवरणों की जानकारी दी है। फेसबुक और व्हाट्सएप के माध्यम से भी सूचना प्रसारित की जा रही है, ताकि किसी परिचित या परिजन तक इसकी जानकारी पहुंच सके। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर यह महिला कौन थी और वह टेकनपुरा घाट तक कैसे पहुंची?
एक ही दिन मिले दो शव, युवक की पहचान हुई; महिला अब भी अज्ञात
गुरुवार को टेकनपुरा स्थित बूढ़ी गंडक नदी घाट के समीप उस समय पुलिस महकमे में हलचल मच गई, जब एक युवक का शव बरामद हुआ। इसी इलाके में कुछ दूरी पर एक महिला का शव भी मिला। एक ही दिन नदी के आसपास दो शव मिलने से मामला गंभीर हो गया और दोनों की पहचान करना पुलिस के लिए चुनौती बन गया।पुलिस ने जांच के दौरान युवक की जेब से मिले आधार कार्ड के आधार पर उसकी पहचान कर ली। हालांकि, महिला के मामले में अब तक ऐसी कोई निर्णायक जानकारी नहीं मिल सकी है, जिससे उसकी शिनाख्त की पुष्टि हो सके। दोनों शवों के एक ही दिन मिलने के कारण पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। फिलहाल दोनों मामलों के बीच किसी संबंध की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
हाथ पर लिखा था ‘फूलवती देवी’ और ‘रुदल सहनी’, फिर भी नहीं खुला राज
महिला की पहचान के लिए पुलिस ने उसके शारीरिक हुलिए और कपड़ों से जुड़े विवरणों को सार्वजनिक किया है। पुलिस के अनुसार, शव पेटीकोट में था। महिला के गले में मंगलसूत्र और हाथ में बाला भी था। उसकी उम्र लगभग 25 से 26 वर्ष आंकी गई है। सबसे महत्वपूर्ण सुराग उसके दाहिने हाथ पर बना गोदना है। इस पर ‘फूलवती देवी’ और ‘पति रुदल सहनी’ नाम लिखा हुआ बताया गया है। आमतौर पर ऐसे निशान पहचान की दिशा में मददगार साबित हो सकते हैं, लेकिन इस मामले में इन नामों के आधार पर भी महिला की पहचान की पुष्टि नहीं हो सकी है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि गोदना में दर्ज नामों का संबंध मृतका से किस तरह है और क्या इनसे उसके परिवार या निवास स्थान तक पहुंचा जा सकता है। हालांकि, जांच पूरी होने से पहले इन नामों को मृतका की निश्चित पहचान मानना उचित नहीं होगा।

पोस्टमार्टम के बाद मोर्चरी में रखा गया शव, एफएसएल ने जुटाए साक्ष्य
महिला के शव का पोस्टमार्टम कराया जा चुका है। पहचान की प्रक्रिया पूरी करने के उद्देश्य से शव को मोर्चरी में रखवाया गया है। दूसरी ओर, घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाने के लिए एफएसएल की टीम भी पहुंची। टीम ने मौके से आवश्यक नमूने एकत्र किए, ताकि वैज्ञानिक जांच के जरिए मामले से जुड़े तथ्यों को स्पष्ट करने में मदद मिल सके। एसडीपीओ कुंदन कुमार के नेतृत्व में नावकोठी थानाध्यक्ष मोहम्मद फिरदौस और पुलिस टीम घटना के विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है। पुलिस का जोर फिलहाल महिला की पहचान स्थापित करने और बरामदगी से जुड़ी परिस्थितियों को समझने पर है।
पुलिस की जांच में अब किस कड़ी का इंतजार?
एसडीपीओ कुंदन कुमार ने बताया कि मामले की बारीकी से जांच की जा रही है। सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। महिला की पहचान करने और घटना की वास्तविकता का पता लगाने के लिए हरसंभव प्रयास किया जा रहा है। फिलहाल महिला के परिजनों तक सूचना पहुंचाने के लिए पुलिस विभिन्न माध्यमों से प्रयास कर रही है। आसपास के थानों से मिलने वाली जानकारी, सोशल मीडिया पर साझा किए गए विवरण और वैज्ञानिक जांच से मिलने वाले निष्कर्ष इस मामले में अहम साबित हो सकते हैं। लेकिन जब तक महिला की पहचान और घटना से जुड़ी परिस्थितियां स्पष्ट नहीं होतीं, तब तक टेकनपुरा घाट पर मिले इस शव के पीछे की कहानी अनसुलझी बनी हुई है।
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