सिमरिया कल्पवास मेला से पहले सड़क जाम पर प्रशासन सख्त: डीएम-एसपी ने किया निरीक्षण

सिमरिया कल्पवास मेला 2026 से पहले डीएम रिची पाण्डेय और एसपी मनीष ने जीरोमाइल से सिमरिया घाट तक सड़क का निरीक्षण किया। जानें प्रशासन के निर्देश

📍18 अक्टूबर से शुरू होगा राजकीय कल्पवास मेला

📍दुर्गा पूजा में भी उमड़ेगी भीड़; खराब सड़कें दुरुस्त करने और थर्मल के पास क्षतिग्रस्त रास्ते को चालू करने का निर्देश

समाचार विचार/बेगूसराय: सिमरिया धाम में कल्पवास मेले और दुर्गा पूजा के दौरान श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने की कवायद तेज कर दी है। जिला पदाधिकारी रिची पाण्डेय और पुलिस अधीक्षक मनीष ने जीरोमाइल से सिमरिया घाट तक सड़क मार्ग का निरीक्षण कर सड़क की स्थिति, जाम की समस्या और चकिया के समीप निर्माणाधीन ओवरब्रिज का जायजा लिया। अधिकारियों ने संबंधित विभागों को खराब सड़कों की तत्काल मरम्मत कराने और आवागमन सुचारु बनाने के लिए जरूरी कदम उठाने का निर्देश दिया है।

सिमरिया कल्पवास मेला

सिमरिया कल्पवास मेला 2026 से पहले यातायात व्यवस्था सुधारने पर जोर

जिला प्रशासन के अनुसार, सिमरिया धाम में 18 अक्टूबर से राजकीय कल्पवास मेला शुरू होना है। कार्तिक महीने में आयोजित होने वाला यह मेला गंगा तट की धार्मिक परंपरा से जुड़ा महत्वपूर्ण आयोजन है। इस दौरान कल्पवासी, साधु-संत और बड़ी संख्या में श्रद्धालु सिमरिया धाम पहुंचते हैं। दुर्गा पूजा के दौरान भी लोगों की आवाजाही बढ़ने की संभावना है। ऐसे में सड़क पर दबाव बढ़ने और जाम की समस्या से निपटना प्रशासन के लिए अहम चुनौती है। निरीक्षण के दौरान डीएम और एसपी ने जीरोमाइल से सिमरिया घाट तक सड़क की स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने चकिया के समीप निर्माणाधीन ओवरब्रिज के आसपास की परिस्थितियों का भी आकलन किया, ताकि निर्माण कार्य और बढ़ते यातायात के बीच लोगों को आवागमन में अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।

सिमरिया कल्पवास मेला

थर्मल के पास क्षतिग्रस्त सड़क की होगी मरम्मत

निरीक्षण के दौरान जिला पदाधिकारी ने खराब सड़कों की अविलंब मरम्मत कराने का निर्देश दिया। थर्मल के समीप डायवर्सन के कारण क्षतिग्रस्त सड़क पर विशेष ध्यान देते हुए मिट्टी भराई कर उसे हल्के वाहनों के परिचालन योग्य बनाने को कहा गया है। इस निर्देश का उद्देश्य सड़क की खराब स्थिति के कारण उत्पन्न होने वाली परेशानी को कम करना और वाहनों की आवाजाही को बेहतर बनाना है।इसके साथ ही अधिकारियों को सड़क पर यातायात के दबाव और जाम की समस्या को ध्यान में रखकर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने को कहा गया। मेला और पूजा के दौरान सड़क मार्ग पर किसी तरह की अव्यवस्था से बचने के लिए समय रहते आवश्यक सुधार करने पर जोर दिया गया।

आईओसीएल के रात्रिकालीन कंसाइनमेंट के परिचालन पर भी नजर

जिला प्रशासन ने आईओसीएल के रात्रिकालीन कंसाइनमेंट का सुचारु परिचालन सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया है। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ व्यवस्था बनाए रखने को कहा गया है। यातायात प्रबंधन में इस पहलू का ध्यान रखना जरूरी है, ताकि आवश्यक परिवहन गतिविधियों और आम लोगों की आवाजाही के बीच अनावश्यक बाधा न उत्पन्न हो। डीएम और एसपी ने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं तथा आम नागरिकों को सुरक्षित और सुगम आवागमन उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। सड़क मरम्मत, क्षतिग्रस्त हिस्सों को परिचालन योग्य बनाने और जाम की समस्या के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करनी होगी।

सिमरिया कल्पवास मेला

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए समय पर तैयारी जरूरी

सिमरिया धाम उत्तरवाहिनी गंगा के तट पर स्थित प्रमुख धार्मिक स्थल है। यहां कल्पवास की पुरानी परंपरा के कारण कार्तिक महीने में विशेष धार्मिक गतिविधियां होती हैं। बिहार सरकार ने वर्ष 2012 में सिमरिया कल्पवास मेले को राजकीय मेले का दर्जा दिया था। इस वर्ष 18 अक्टूबर से 24 नवंबर तक प्रस्तावित मेले और दुर्गा पूजा के दौरान सड़क संपर्क व्यवस्था की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी। जिला प्रशासन के ताजा निरीक्षण से यह स्पष्ट है कि भीड़ बढ़ने से पहले सड़क की खामियों और यातायात संबंधी समस्याओं को दूर करने पर जोर दिया जा रहा है। अब संबंधित विभागों की समयबद्ध कार्रवाई अहम होगी, ताकि श्रद्धालुओं, स्थानीय निवासियों और अन्य यात्रियों को सुरक्षित तथा सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।

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