गौरव: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के हाथों सम्मानित हुए पर्यावरण प्रहरी डॉ. कुंदन कुमार

गौरव
🌲‘रियल हीरो ऑफ बिहार’ सम्मान से नवाजे गए साइकिल पे संडे अभियान के संयोजक
🌲पर्यावरण संरक्षण और जनजागरूकता के लिए वर्षों से कर रहे हैं काम
गौरव
समाचार विचार/बेगूसराय: बेगूसराय के लिए आज गौरव का क्षण है। बीहट से पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, स्वास्थ्य और सामाजिक जागरूकता का संदेश जन-जन तक पहुंचाने वाले साइकिल पे संडे अभियान के संयोजक डॉ. कुंदन कुमार को एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उन्हें पर्यावरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए ‘रियल हीरो ऑफ बिहार’ सम्मान से सम्मानित किया। पटना स्थित चंद्रगुप्त प्रबंधन संस्थान में फर्स्ट बिहार-झारखंड की ओर से आयोजित सम्मान समारोह में डॉ. कुंदन कुमार को मुख्यमंत्री के हाथों अंगवस्त्र, प्रतीक चिन्ह और 31 हजार रुपये का चेक प्रदान किया गया। सम्मान समारोह में सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित किया गया। डॉ. कुंदन कुमार को मिला यह सम्मान खास तौर पर इसलिए महत्वपूर्ण और गौरव पूर्ण माना जा रहा है क्योंकि बीहट से शुरू हुआ साइकिल पे संडे अभियान पिछले कई वर्षों से लगातार पर्यावरण और स्वस्थ जीवनशैली को लेकर लोगों के बीच जागरूकता पैदा कर रहा है। उपलब्ध प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार अभियान अब सैकड़ों रविवार की यात्राएं पूरी कर चुका है। जून 2026 में अभियान की 604वीं रविवारीय यात्रा का भी उल्लेख प्रकाशित समाचार में मिलता है।
बीहट से निकला अभियान, बना व्यापक जनजागरूकता की मुहिम
साइकिल पे संडे अभियान का उद्देश्य केवल साइकिल चलाने तक सीमित नहीं है। अभियान के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, पौधारोपण, जल संरक्षण और स्वस्थ जीवनशैली जैसे विषयों को लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाता है। जिले के गौरव डॉ. कुंदन कुमार की अगुवाई में अभियान के सदस्य प्रत्येक रविवार अलग-अलग क्षेत्रों में साइकिल यात्रा करते हैं और लोगों को पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार बनने का संदेश देते हैं। प्रकाशित रिपोर्टों में अभियान के सदस्यों की ओर से पौधा वितरण, स्वच्छता जागरूकता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजन का उल्लेख मिलता है।अभियान की गतिविधियों का दायरा समय के साथ बीहट और बरौनी से आगे बढ़कर बेगूसराय के विभिन्न इलाकों तक पहुंचा है। कई मौकों पर दूसरे जिलों से भी साइकिल यात्री इस अभियान से जुड़े हैं।
600 से अधिक रविवार की यात्रा का सफर
साइकिल पे संडे की सबसे खास पहचान इसकी निरंतरता रही है। मई 2026 में प्रकाशित रिपोर्ट में अभियान की 600वीं यात्रा के अवसर पर ‘पैडलिंग फॉर चेंज’ कार्यक्रम आयोजित किए जाने की जानकारी दी गई थी। इस कार्यक्रम में बेगूसराय के अलावा पटना, लखीसराय, समस्तीपुर, वैशाली और नेपाल से आए साइकिल यात्रियों ने भी हिस्सा लिया था। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि अभियान ने स्थानीय स्तर से निकलकर पर्यावरण और स्वस्थ जीवनशैली के संदेश को व्यापक स्तर तक पहुंचाने में अपनी अलग पहचान बनाई है। साइकिल पे संडे टीम की ओर से अलग-अलग अवसरों पर पौधे भी वितरित किए जाते रहे हैं। जून 2026 की एक रिपोर्ट में बताया गया कि अभियान की ओर से एक कार्यशाला में शामिल प्रतिभागियों के बीच पौधों का वितरण किया गया। उस दौरान जिले के गौरव डॉ. कुंदन कुमार ने बताया था कि टीम करीब 11 वर्षों से हर रविवार अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक कर रही है।
पर्यावरण से स्वास्थ्य तक, अभियान का व्यापक संदेश
साइकिल पे संडे की गतिविधियों में पर्यावरण के साथ-साथ स्वास्थ्य को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया जाता है। साइकिल चलाने को स्वस्थ जीवनशैली से जोड़ते हुए अभियान लोगों को नियमित शारीरिक गतिविधियों के लिए प्रेरित करता है। अभियान की विभिन्न यात्राओं में स्वच्छता, शांति, जल संरक्षण, बिजली की बचत और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा जैसे विषयों को भी प्रमुखता दी गई है। बीहट से जनकपुर तक निकली छह दिवसीय साइकिल यात्रा के दौरान भी पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और शांति का संदेश देने की बात सामने आई थी। उस यात्रा में करीब 30 सदस्य शामिल हुए थे। इससे पहले वाराणसी और कावर झील जैसे विभिन्न स्थलों तक निकली साइकिल यात्राओं में भी पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। कावर झील को लेकर आयोजित साइकिल यात्रा में अभियान ने जल, जंगल और जमीन के संरक्षण का संकल्प लिया था।
पौध वितरण से लेकर स्वच्छता तक लगातार करते रहे पहल
जिले के गौरव डॉ. कुंदन कुमार के नेतृत्व में अभियान की ओर से पौध वितरण को भी लगातार बढ़ावा दिया गया है। मई 2026 में मदर्स डे के अवसर पर बीहट नगर परिषद क्षेत्र में पौधा वितरण और पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसमें महिलाओं और बालिकाओं को पौधे देकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। सितंबर 2026 में अभियान के 622वें रविवार के दौरान पिपरा देवस क्षेत्र में 100 से अधिक पौधों के वितरण की जानकारी भी सामने आई। कार्यक्रम में साइकिल यात्रा के साथ पौधारोपण और लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया गया। इस तरह साइकिल पे संडे अभियान की गतिविधियां केवल साइकिल यात्रा तक सीमित न रहकर पौधारोपण, पौध वितरण, स्वच्छता और सामाजिक जागरूकता से भी जुड़ती चली गई हैं।
सम्मान को डॉ. कुंदन ने बताया साथियों की उपलब्धि
सम्मान प्राप्त करने के बाद डॉ. कुंदन कुमार ने इसे केवल अपनी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं माना। उन्होंने कहा कि यह सम्मान हर रविवार अभियान से जुड़ने वाले साथियों का सम्मान है। उन्होंने इसे बीहट के साथ-साथ पूरे बेगूसराय और बिहार का सम्मान बताया। उनके साथ इस उपलब्धि के मौके पर अभियान से जुड़े अभिनव कुमार, शुभम कुमार, गोविंद कुमार और सोनू झा भी मौजूद रहे। इन सदस्यों को भी समारोह में शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मो. जमा, सांसद शाम्भवी चौधरी और फर्स्ट बिहार के सीईओ प्रबोध कुमार ने सम्मानित किया।

गौरव

बीहट से बिहार तक बनी अलग पहचान
डॉ. कुंदन कुमार और साइकिल पे संडे अभियान की यात्रा यह दिखाती है कि स्थानीय स्तर पर शुरू की गई लगातार सामाजिक पहल किस तरह व्यापक जनभागीदारी का रूप ले सकती है। अभियान में युवाओं की भागीदारी भी लगातार दिखाई देती रही है। बीहट, बरौनी और आसपास के इलाकों से लेकर बेगूसराय के विभिन्न क्षेत्रों तक अभियान के सदस्य साइकिल के माध्यम से लोगों तक पहुंचते रहे हैं। अभियान के 600वें रविवार के कार्यक्रम में 38 गांवों से युवाओं के शामिल होने का भी उल्लेख प्रकाशित रिपोर्ट में किया गया था। साइकिल पे संडे की पहचान अब बीहट की एक नियमित रविवारीय गतिविधि से आगे बढ़कर पर्यावरण जागरूकता की एक निरंतर मुहिम के रूप में बनती दिखाई दे रही है।
जनप्रतिनिधियों और गणमान्य लोगों ने दी बधाई
डॉ. कुंदन कुमार को ‘रियल हीरो ऑफ बिहार’ सम्मान मिलने पर बीहट और बेगूसराय में भी खुशी का माहौल है। पूर्व विधायक राम रतन सिंह, मुख्य पार्षद बबीता देवी, उपमुख्य पार्षद ऋषिकेश कुमार, डीआरडीए निदेशक ओम राजपूत सहित कई गणमान्य लोगों ने उन्हें बधाई दी।
स्थानीय लोगों के लिए यह सम्मान इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पर्यावरण संरक्षण जैसी मुहिम को लंबे समय तक निरंतर चलाना अपने आप में एक चुनौती है। साइकिल पे संडे अभियान ने रविवार को साइकिल यात्रा के माध्यम से लोगों को जोड़ते हुए पर्यावरण, स्वास्थ्य और स्वच्छता जैसे विषयों को सामाजिक संवाद का हिस्सा बनाने का प्रयास किया है।
मुख्यमंत्री के हाथों मिला यह सम्मान डॉ. कुंदन कुमार और उनकी पूरी टीम के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। आने वाले समय में अभियान किस तरह नई पीढ़ी को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ता है और इसकी गतिविधियों को और व्यापक बनाता है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।

Begusarai Locals

🔗जिला स्तरीय विद्यालय खेल प्रतियोगिता-2026 के लिए निबंधन शुरू
🔗बेगूसराय में थाना से 500 मीटर पर अधेड़ को मारी गोली, मौत

Share this post:

खबरें और भी हैं...

लाइव टीवी