डॉ. कलाम की 95वीं जयंती विश्व छात्र दिवस के रूप में मनाई गई। प्रधानाध्यापिका लक्ष्मी कुमारी की अध्यक्षता में आयोजित समारोह में विद्यार्थियों और शिक्षकों ने डॉ. कलाम के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
📍खगड़िया के विद्यालय में मनाई गई मिसाइल मैन की 95वीं जयंती
📍विद्यार्थियों ने उनके आदर्शों को अपनाने का लिया संकल्प

समाचार विचार/खगड़िया: जिले के सदर प्रखंड अंतर्गत रहीमपुर मध्य पंचायत स्थित प्लस टू उच्च माध्यमिक विद्यालय, नन्हकू मंडल टोला में गुरुवार को भारत के पूर्व राष्ट्रपति एवं भारत रत्न डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की 95वीं जयंती विश्व छात्र दिवस के रूप में मनाई गई। प्रधानाध्यापिका लक्ष्मी कुमारी की अध्यक्षता में आयोजित समारोह में विद्यार्थियों और शिक्षकों ने डॉ. कलाम के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम का उद्घाटन जिला नागरिक परिषद के सदस्य एवं स्थानीय समाजसेवी आचार्य राकेश पासवान शास्त्री तथा प्रधानाध्यापिका लक्ष्मी कुमारी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। समारोह के दौरान वक्ताओं ने डॉ. कलाम के व्यक्तित्व, कृतित्व और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को याद करते हुए विद्यार्थियों से उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने की अपील की।
छात्र-युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं डॉ. कलाम
समारोह को संबोधित करते हुए आचार्य राकेश पासवान शास्त्री ने कहा कि डॉ. कलाम का जीवन संघर्ष, साधना, वैज्ञानिक चेतना और राष्ट्रनिष्ठा का अनुपम उदाहरण है। साधारण परिवार से देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचकर उन्होंने अपनी प्रतिभा, परिश्रम और दृढ़ संकल्प से इतिहास रचा। भारतीय रक्षा एवं अंतरिक्ष कार्यक्रमों में उनका योगदान अविस्मरणीय है। उन्होंने कहा कि डॉ. कलाम केवल महान वैज्ञानिक और पूर्व राष्ट्रपति ही नहीं थे, बल्कि ज्ञान, कर्म और राष्ट्रसेवा के प्रतीक भी थे। उनका जीवन छात्र-युवाओं को बड़े सपने देखने, ज्ञान अर्जित करने और अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए निरंतर परिश्रम करने की प्रेरणा देता है।

किताबों से दोस्ती करें विद्यार्थी, शिक्षा को बनाएं प्राथमिकता
आचार्य राकेश पासवान शास्त्री ने विद्यार्थियों से नशे और मोबाइल के दुरुपयोग से दूर रहने तथा शिक्षा, अनुशासन और नैतिक मूल्यों को अपनाने की अपील की। विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए उन्होंने कहा, “आज किताब के सामने झुकोगे तो आने वाले समय में दुनिया तेरे कदमों में झुकेगी।” उन्होंने कहा कि डॉ. कलाम के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि उनके विचारों को आत्मसात करना और विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान देना है। विद्यार्थियों को अपने समय का सदुपयोग करते हुए अध्ययन, ज्ञान और चरित्र निर्माण पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
डॉ. कलाम के आदर्शों पर चलकर हासिल करें सफलता
प्रधानाध्यापिका लक्ष्मी कुमारी ने कहा कि डॉ. कलाम का जीवन विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का अक्षय स्रोत है। उनके आदर्शों पर चलकर छात्र-छात्राएं अपने जीवन में सफलता हासिल कर सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा के प्रति समर्पित रहने और अपने लक्ष्य के प्रति दृढ़ संकल्पित होने का संदेश दिया।

शिक्षक-शिक्षिकाओं और विद्यार्थियों ने दी श्रद्धांजलि
कार्यक्रम का मंच संचालन संस्कृत शिक्षक हीरालाल शास्त्री ने किया। समारोह में शिक्षक अशोक कुमार, रविंद्र कुमार, मयंक प्रियदर्शी, कुमारी सोनम, महताब आलम, पियुष कांति राय और पवन कुमार सहित लिपिक रूपम कुमारी, प्रबंध कार्यकारिणी सदस्य ईशा देवी तथा रात्रि प्रहरी राजेश यादव उपस्थित रहे। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं रोनिका, सूर्यवंश, मौसम, आर्यन, अंशिका, अंकिता और उजाला सहित अन्य विद्यार्थियों ने भी भाग लिया। समारोह के अंत में उपस्थित लोगों ने डॉ. कलाम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने तथा उनके सपनों का भारत बनाने में योगदान देने का संकल्प लिया।
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