📍बेगूसराय समेत सभी जिलों में लागू होंगे नए निर्देश
📍ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर दर्ज होगी उपस्थिति
📍1 अप्रैल से 30 सितंबर 2026 के रिकॉर्ड के आधार पर तय होगी पात्रता
समाचार विचार | बेगूसराय
बेगूसराय सहित बिहार के सरकारी और सरकार से सहायता प्राप्त विद्यालयों में पढ़ने वाले लाखों विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। अब स्कूल में 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य होगी। यदि किसी छात्र की उपस्थिति इससे कम रहती है, तो उसे राज्य सरकार की विभिन्न छात्र कल्याण योजनाओं का लाभ मिलने में बाधा आ सकती है। इस संबंध में प्राथमिक शिक्षा निदेशक सह डीबीटी (Direct Benefit Transfer) बिहार के नोडल पदाधिकारी की ओर से सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों (DEO) तथा जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों (योजना एवं लेखा) को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इन निर्देशों के तहत विद्यालयों को विद्यार्थियों की उपस्थिति का रिकॉर्ड समय पर ऑनलाइन अपडेट करने और उसकी जांच सुनिश्चित करने को कहा गया है।
1 अप्रैल से 30 सितंबर तक की उपस्थिति बनेगी आधार
सरकार के निर्देश के अनुसार 1 अप्रैल 2026 से 30 सितंबर 2026 तक की विद्यार्थियों की उपस्थिति को आधार बनाकर ई-शिक्षाकोष (e-Shikshakosh) पोर्टल पर आंकड़े दर्ज किए जाएंगे। इसी रिकॉर्ड के आधार पर यह तय होगा कि संबंधित छात्र सरकारी योजनाओं के लाभ के लिए पात्र है या नहीं।पोर्टल पर जिन विद्यार्थियों की उपस्थिति 75 प्रतिशत या उससे अधिक होगी, उनके सामने “Yes” दर्ज किया जाएगा। वहीं, जिनकी उपस्थिति निर्धारित सीमा से कम होगी, उनके सामने “No” अंकित किया जाएगा।
किन योजनाओं पर पड़ सकता है असर?
बेगूसराय सहित बिहार सरकार स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को डीबीटी के माध्यम से कई तरह की सहायता उपलब्ध कराती है। इनमें पोशाक योजना, छात्रवृत्ति, शैक्षणिक सहायता और अन्य छात्र हित से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं। नई व्यवस्था के तहत इन योजनाओं की पात्रता तय करने में नियमित उपस्थिति एक अहम मानदंड होगी।
स्कूलों की जिम्मेदारी बढ़ी
सरकार ने सभी विद्यालय प्रधानों को निर्देश दिया है कि वे निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर विद्यार्थियों की उपस्थिति का सही और समय पर डेटा दर्ज करें। इसके बाद संबंधित प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) इन आंकड़ों का सत्यापन करेंगे। सत्यापन पूरा होने के बाद जिला स्तर पर अंतिम स्वीकृति प्रदान की जाएगी।
डिजिटल निगरानी पर सरकार का जोर
बिहार सरकार पिछले कुछ वर्षों से शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए ई-शिक्षाकोष और डीबीटी प्रणाली को मजबूत कर रही है। उपस्थिति को ऑनलाइन दर्ज करने की व्यवस्था से फर्जी रिकॉर्ड पर रोक लगाने, वास्तविक छात्रों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने और स्कूलों में नियमित उपस्थिति बढ़ाने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
छात्रों और अभिभावकों के लिए क्या जरूरी?
शिक्षा विभाग के निर्देशों के बाद बेगूसराय में अब छात्रों और अभिभावकों को नियमित रूप से स्कूल उपस्थिति पर विशेष ध्यान देना होगा। यदि किसी विद्यार्थी की उपस्थिति 75 प्रतिशत से नीचे चली जाती है, तो उसे सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने में परेशानी हो सकती है। इसलिए विद्यालयों को भी समय पर रिकॉर्ड अपडेट करने और अभिभावकों को उपस्थिति की जानकारी देने की जिम्मेदारी निभानी होगी।
एक नजर में
✍️75% उपस्थिति अनिवार्य होगी।
✍️नियम सरकारी और सहायता प्राप्त विद्यालयों पर लागू।
✍️ 1 अप्रैल से 30 सितंबर 2026 की उपस्थिति के आधार पर पात्रता तय होगी।
✍️ ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर Yes/No दर्ज किया जाएगा।
✍️BEO सत्यापन के बाद जिला स्तर पर अंतिम स्वीकृति मिलेगी।
✍️कम उपस्थिति वाले विद्यार्थियों को सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित होना पड़ सकता है।
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