📍गोवर्धन लीला और राधा-कृष्ण रास का हुआ दिव्य एवं मनोहारी मंचन

समाचार विचार/तेघड़ा: तेघड़ा स्थित श्री सच्चा बाबा यज्ञशाला आश्रम, गौरा में चल रहे श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ के दूसरे दिन शुक्रवार को संपूर्ण वातावरण भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर रहा। सुबह से ही यज्ञशाला में वैदिक मंत्रोच्चारण की दिव्य ध्वनि और “जय श्री राम” व “राधे-राधे” के उद्घोष से पूरा परिसर भक्तिमय बना रहा। यज्ञशाला में प्रयागराज से पधारे आचार्य पंडित डॉक्टर गंगाधर पांडे द्वारा विधिवत अनुष्ठान संपन्न कराया गया। हजारों श्रद्धालुओं ने श्रद्धा और आस्था के साथ परिक्रमा कर पुण्य लाभ अर्जित किया। विशाल पंडाल में हजारों की संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालु संतों की अमृतवाणी में लीन होकर भक्ति भाव से सराबोर नजर आए। श्री राम कथा में कथावाचक जगतगुरु रामानुजाचार्य स्वामी रत्नेश प्रपन्ना जी महाराज ने मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम के जीवन के आदर्शों—त्याग, सत्य, मर्यादा और धर्म—का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया। उनके अमृत वचनों से श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे और पूरा पंडाल भक्ति रस में डूब गया। कथा श्रवण के दौरान अनेक श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं और वातावरण में आध्यात्मिक भाव गहराता चला गया। दिनभर भजन-कीर्तन और संकीर्तन से वातावरण गुंजायमान रहा। ढोल-मंजीरे और शंखनाद की ध्वनि पर श्रद्धालु भक्ति में झूमते नजर आए। बाबा का मूल मंत्र “प्रभु आप जगो, परमात्मा जगो, दुःखांतक खेल का अंत करो” पूरे परिसर में गूंजता रहा, जिससे श्रद्धालुओं को आत्मिक शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव हुआ।






